यदि समतलीकरण के बाद भराव दो डिजिटल सतहों से निकाला जाए, तो अंतर में मूल डेटा का बदलाव भी शामिल हो सकता है। इस काल्पनिक स्थिति में पुराने सर्वे में किनारा नहीं है, नए में अस्थायी ढेर का शीर्ष है और सॉफ्टवेयर अलग सीमाओं से क्षेत्र बंद करता है, बिना इंटरपोलेशन भाग दिखाए।
क्षेत्रफल अंतर को सीमा बदलाव कहा जा सकता है। मान लें कि कई फाइलों से निर्देशांक लिए, शीर्ष क्रम नहीं जाँचा और बिना प्रणाली के कोणीय मान लेकर सॉफ्टवेयर ने वर्ग मीटर लिखा।
पक्का रास्ता बनने बाद पड़ोसी भूखंड को कारण माना जा सकता है। मान लें कि फर्श और गेट दहलीज स्तर बदले, पुराने स्तर केवल नक्शे में हैं और तस्वीरें बारिश का बहाव या नाली दशा नहीं दिखातीं।
उपग्रह नक्शे में छत का किनारा दीवार समझा जा सकता है। स्क्रीन की दूरी बाड़ के पास टेप मापन से अलग हो सकती है, जबकि चित्र का स्रोत, स्थानिक सटीकता और बाड़ का दर्ज सीमा से मेल नहीं जाँचा गया होता।
प्रस्तावित रास्ता सीमा पार करे तो किन नक्शों की तुलना करें
यदि प्रस्तावित रास्ता वहाँ दिखाया गया हो जिसे पड़ोसी अपना भूखंड मानता है, तो पहले आधारभूत सीमाएँ तय करनी चाहिए। पुराना नक्शा और मौजूदा बाड़ अलग जानकारी तथा अवधियाँ दिखा सकते हैं।
बाड़ नहीं हिली, फिर भी नए नक्शे में सीमा खिसकी दिखती है
यदि पुराने और नए नक्शे की तुलना में सीमा बदली दिखे, तो इसका अर्थ हमेशा बाड़ हटाना या पड़ोसी जमीन पर कब्जा नहीं होता। दस्तावेजों में अलग निर्देशांक प्रणालियाँ, पैमाने और बिंदुओं की सटीकता हो सकती है। पहले हर नक्शे का स्रोत और उन्हें मिलाने की वैध तकनीकी संभावना समझनी होगी। मूल डेटा जाँचे बिना चित्र चढ़ाने से सीमा के मिलने का प्रभाव स्पष्ट, लेकिन अविश्वसनीय हो सकता है।